Thursday, January 28, 2016

हार्ट अटॅक..??? घाबरू नका..!!!

✅हार्ट अटॅक..???

घाबरू नका..!!!

सहज सुलभ उपाय...!

99 टक्के  ब्लॉकेजेसना
काढून टाकणारे
पिंपळाचे पान...

15 पिंपळाची पाने
जी  गुलाबी  नसावीत,
पण हिरवी,
कोवळी,
चांगली वाढलेली असावीत...

प्रत्येक पानांचे
वरचे टोक

खालचा जाड देठ
पानाचा थोडाश्या भागासकट
कापून टाका,

मग सर्व पंधरा पाने
स्वच्छ धुवून घ्या.

एका भांड्यात
ही पाने

एक ग्लास पाणी घालून
मंद आचेवर उकळत ठेवा.

जेव्हा पाणी (1/3)
एक त्रितीयांश उरेल
तेव्हा
उकळवणे बंद करा

गाळून घ्या...

नंतर थंड जागी ठेवा.

झाले आपले औषध तयार...!
☕...☕...☕

हा काढा
'तीन भागात'
प्रत्येक तीन तासांनी
सकाळपासून घ्यावयाचा आहे.

हार्ट अटॅक नंतर
लागोपाठ पंधरा दिवस
अशा प्रकारे
पिंपळकाढा घेतल्याने
ह्रदय पुनः स्वस्थ होते

पुन्हा हा दौरा पडण्याची
शक्यता राहात नाही...

ह्रदय विकारी व्यक्तींनी
ह्या ईलाजाचा प्रयोग
अवश्य करून पहावा..

यातून कोणताही
साईड इफेक्ट होत नाही..!

पिंपळाच्या पानात
ह्रदयाला शक्ति
आणि
शांती देण्याची
अदभूत क्षमता आहे..!

ह्या पिंपळकाढ्याचे
तीन डोस
सकाळी 8.00वा.,
11.00वा.,

2.00वा.
म्हणजे दर तीन तासांनी
घ्यावयाचे आहेत....

डोस घेण्यापूर्वी
पोट रिकामी असता कामा नये.

हलका,
पाचक नाश्ता
किंवा
आहार केल्यानंतरच
काढ्याचे डोस घ्यावयाचा आहे.

सदरच्या
पंधरा दिवसांत
तळलेले पदार्थ,
भात व्यर्ज आहेत...

तसेच
मांस,
अंडी,
दारु,
धुम्रपान
पूर्णतः बंद करावीत...

मीठ

तेलकट पदार्थ
सेवन करू नये...

डाळींब,
पपई,
आवळा,
लसूण,
मेथी,
सफरचंद,
मोसंबी,
रात्री भिजवलेले काळे चणे,
गुगूळ,
मनुका,
दही,
ताक इ. घ्यावे...

"पिंपळकाढा घेऊन तर बघा..!"

भगवंताने
पिंपळाचे पान

ह्रदयाच्या आकाराचे
कां बनविले आहे..?

      
             

हे आर्टीकल
आपल्या पर्यंत
डॉ.उदय  सोनवणे  (मुंबई )
यांनी पाठवले आहे..!!!
  आरोग्य वार्ता

"पाणी पिण्याची योग्य वेळ"

● 3 ग्लास सकाळी झोपेतुन उठल्यानंतर -
शरीरातील उर्जेला Activate
करतो.

● 1 ग्लास अंघोळ केल्यानंतर -
ब्लड प्रेशर त्रास संपवतो.

● 2 ग्लास जेवणाआधी 30 मिनीटे -
पचनक्रिया सुधारतो.

● अर्धा ग्लास झोपण्यापुर्वी -
हार्ट अटैक पासुन वाचवतो.

चांगला मैसेज आहे.
जरुर फॉरवर्ड करा..
जर तुम्ही घरी एकटे असाल, आणि अचानक तुमच्या छातीतदुखायला लागले,हे दुखणे जर तुमच्या डाव्या हातापासून तुमच्या जबड्या पर्यंतजाणवत असेल..तर हा हृदय विकाराचा झटका असू शकतो....जर आजू-बाजूला कोणीच मदत करण्यासाठी नसेलआणि हॉस्पिटल सुद्धा दूर असेnल, तर तुम्ही स्वत:ची मदत करूशकता....* जोर-जोरात खोकत रहा. हि प्रक्रिया पुन्हा-पुन्हा करत रहा.* प्रत्येक वेळी खोकन्या आधी दीर्घ श्वास घ्या.* दीर्घ श्वासामुळे फुप्फुशांना अधिक प्रमाणात ऑक्सिजनमिळतो.* अशा वेळी खोकत राहिल्याने रक्ताभिसरण प्रक्रिया सुरळीतचालू राहते.मी, आपणांस एक विनंती करू इच्छितो.. कृपया जास्तीत जास्तलोकांना हि पोस्ट शेअ
र करा.का, कुणास ठाऊक, तुमच्या ह्या एका पोस्टमुळे एखाद्याचे प्राणवाचू शकतात......करा फॉरवर्ड होऊ दे खर्च  जरा चांगल्या कामासाठी
- डॉ.  उदय  सोनवणे  (मुंबई )

हमारी संस्कृति

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं
1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में

ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ. श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।

ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी

ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।

ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

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१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है

This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...

अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......

अपनी भारत की संस्कृति
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये.
खासकर अपने बच्चो को बताए
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...

����  दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !

����  तीन ऋण

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !

����   चार युग -

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !

����  चार धाम -

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !

����   चारपीठ -

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !

���� चार वेद

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !

����  चार आश्रम

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !

���� चार अंतःकरण -

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !

����  पञ्च गव्य -

गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !

����  पञ्च देव -

गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !

���� पंच तत्त्व -

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !

����  छह दर्शन -

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !

����  सप्त ऋषि -

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!

����  सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !

����  आठ योग -

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !

���� आठ लक्ष्मी -

आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !

���� नव दुर्गा -

शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !

����   दस दिशाएं -

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !

����  मुख्य ११ अवतार -

मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !

���� बारह मास -

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !

����  बारह राशी -

मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !

���� बारह ज्योतिर्लिंग -

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

���� पंद्रह तिथियाँ -

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !

���� स्मृतियां -

मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !

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Friday, January 22, 2016

How to Get Rid of a Dry Cough

1.

Keep your throat moist. Coughs are often caused by a postnasal drip, which is when drainage from your nose drips into the back of your throat. This usually happens when you have a cold or a virus such as the flu.[1] Drinking fluids can thin out the mucus caused by colds.[2]

2
Gargle warm salt water. This will help relieve pain and decrease inflammation.[3] Try gargling before bed and at other times during the day that you feel discomfort in your throat.

3
Drink lots of warm water. While hot water may seem like the best remedy for your throat, warm water actually rehydrates the tissue better than hot water. Hot water can be irritating to already inflamed tissue. Warm tea is a great way to stay hydrated while warming and soothing your throat.[4]
  • Aniseed tea is a tea known to soothe throats and reduce coughs. Add cinnamon to gain extra relief.
  • Boil ginger along with your tea leaves.[5] Add a dash of pepper and several basil leaves to relieve congestion.[6] This combination of herbs will numb and soothe your throat, allowing your throat tissue to relax after excessive coughing.
4. Drink pineapple juice. Pineapple juice is 5 times more effective than cough syrup, as shown in a 2010 study.[9] The juice softens the larynx without leaving residue that might cause you to cough more. Choose this juice over orange or lemon juice.[10]
  • Grape juice is also a great juice to drink to cure a cough.[11] Mix one teaspoon of honey in a cup of grape juice. Grapes act as an expectorant; expectorants promote the secretion of sputum by the air passages, thus eliminating your cough.[12]
5. Eat warm chicken soup. The steam from the soup will help open the upper respiratory membranes while the warmth will soothe your throat[22] and keep you from getting weak because chicken soup is full of protein. Plus, what’s more comforting than a bowl of warm soup?

6. Suck on a lozenge. Get lozenges that have menthol in them. Menthol numbs the back of your throat, relieving you of your cough. Menthol is a compound from the peppermint plant which contains a numbing sensation that soothes a sore throat.[23]Lozenges are great if you have to go out in public, such as to a movie or a class, but you don’t want to disturb others with your cough.

7. Use a humidifier. Dry air can cause secretions in your nose to dry up and create discomfort that often leads to coughing, but a humidifier can help.[25]
  • Be cautious about using the humidifier too much—if a humidifier isn’t cleaned, it can pump fungus and mold back into the air. This can extend your cough rather than eliminate it.
8. Take steamy, hot showers. Make sure to close all of the windows in your bathroom and turn off the fan. Doing this will create your very own steam room. Steam loosens secretions in your nose. Steam works against coughs caused by colds, allergies, and asthma.[26]

9. Take steamy, hot showers. Make sure to close all of the windows in your bathroom and turn off the fan. Doing this will create your very own steam room. Steam loosens secretions in your nose. Steam works against coughs caused by colds, allergies, and asthma.[26]